जैसे को तैसा (Tit For Tat)

जैसे को तैसा (Tit For Tat)

0 0 hace un mes
एक सौदागर या व्यापारी अपने व्यापार में घाटा अनुभव करता है, और अपना नसीब आज़माने के लिए दूसरे शहर जाने का विचार करता है , और अपने मित्र के पास अपने दादाजी जे जमाने का लोहे का तराज़ू छोड़ जाता है । कुछ वर्षों बाद वह व्यापारी अपने गाँव वापस आता है, और अपने मित्र से वह तराज़ू वापस माँगता है। मित्र तराज़ू लौटा ने से मुकर जाता है।

व्यापारी अपना तराज़ू कैसे वापस पाता है? यह जान ने के लिए सुनिए इस कहानी को नीतीश के आवाज़ में । यह कहानी हम ने बालगाथा हिंदी पाड्कैस्ट पर पहले " सौदागर और उसका ... Más informaciones

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